उन अफराद की जज़्बात भरी एक हकीकी तशवीर जो अपनी मुल्क वतन से दूर रोजगारी की तलाश में दुसरे देशों में जाकर अपनी जिंदगी का एक अहेम वक्फा गुजार देते हैं!
और फिर भि उनको अपनी जिंदगी का हकीकी सोकुन मयस्सर नहीं हो पाता! किसि की दर्द भरी कहानी सुनने के बाद अगर उसको महसूस न किया जाए!और फिर महसूश करने के बाद ये
न सोंचा जाए के पता नहीं यही कहानी कितनी की जिंदगियों से जज्बा हो गई हैं तो फिर वों दीन ही क्या जो एहसास के म'आते से न भरा हो!! ऐसी ही दिल को छू जाने वाली ये विडियो का मुताला करें! और ज्यादा से ज्यदा लोगो तक शेयर करे! जजाकाअल्लाह ख़ैर!!
जो घर से दूर होते हैं ! बहोत मजबूर होते हैं !कभी बागों में सोते है! कभी छुप छुप के रोते हैं !घरों को याद करते हैं तो फिर फ़रियाद करते हैं !मगर जो बेसहारा हों !घरों से बेकिनारा हों !उनको घर कोण देता है !ये खतरा कोण लेता है !
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